तेलंगाना ने तुंगभद्रा परियोजना से पानी में बड़े हिस्से की अपनी माँग फिर तेज़ कर दी है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने यह लंबे समय से लंबित विवाद कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के अपने समकक्षों तथा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री के समक्ष सीधे उठाया।
कर्नाटक के होसपेट में हुई एक बैठक में रेवंत रेड्डी ने तर्क दिया कि तुंगभद्रा प्रणाली से तेलंगाना 15.9 टीएमसी पानी का हक़दार है, लेकिन हाल के वर्षों में उसे व्यवहार में केवल 5 से 6 टीएमसी ही मिल रहा है। राज्य के अधिकारियों के अनुसार यह कमी उत्तरी ज़िलों में किसानों और पेयजल आपूर्ति दोनों को नुक़सान पहुँचा रही है।
तेलंगाना के सिंचाई विभाग के अनुसार यह अंतर तब और बढ़ गया जब कर्नाटक में ऊपरी हिस्से की परियोजनाओं ने नदी से अपना दोहन बढ़ा दिया, जिससे मौसमी आवंटन की गणना तक तेलंगाना के हिस्से वाले बिंदुओं तक कम पानी पहुँचता है।
राज्य अब चाहता है कि आवंटन की समीक्षा हो और उसे उसका तयशुदा हिस्सा मिले।
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