तेलंगाना

तेलंगाना जातिगत सर्वे: बीसी 56.36%, एससी 17.42%, एसटी 10.43%

1.12 करोड़ परिवारों और 3.55 करोड़ लोगों को कवर करने वाले तेलंगाना के जातिगत सर्वे में सर्वेक्षित लोगों में से 56.36% पिछड़ा वर्ग, 17.42% अनुसूचित जाति और 10.43% अनुसूचित जनजाति पाए गए।

भारत के किसी भी राज्य द्वारा किए गए सबसे बड़े घरेलू गणना अभियानों में से एक, तेलंगाना के जातिगत सर्वे ने 1,12,15,134 परिवारों (96.9% कवरेज) और 3,54,75,554 व्यक्तियों को कवर किया। इसके मुख्य निष्कर्ष राज्य विधानसभा में प्रस्तुत किए गए।

मुख्य आंकड़े

सर्वेक्षित लोगों में पिछड़ा वर्ग (बीसी) की हिस्सेदारी 56.36% (2,00,37,668 लोग) है, जिसमें बीसी मुस्लिम 10.08% शामिल हैं। अनुसूचित जाति (एससी) 17.42% (61,91,294 लोग) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) 10.43% (37,08,408 लोग) हैं, राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार।

डेटा कैसे एकत्र किया गया

सर्वेक्षकों ने जाति, धर्म, आर्थिक स्थिति, रोजगार, शिक्षा और राजनीतिक संबद्धता को कवर करने वाली 57 सवालों की प्रश्नावली का इस्तेमाल किया। नवंबर-दिसंबर 2024 के बीच करीब 76,000 डेटा एंट्री ऑपरेटरों ने जवाबों को डिजिटाइज़ किया, इसके बाद निष्कर्षों को संकलित कर प्रस्तुति के लिए जांचा गया।

आगे क्या होगा

तेलंगाना में आरक्षण नीति और कल्याण योजनाओं के लक्ष्यीकरण से जुड़े फैसलों में यह सर्वे डेटा मददगार साबित होने की उम्मीद है, हालांकि सरकार ने अभी तक पूरा डेटासेट सार्वजनिक नहीं किया है, और कुछ शोधकर्ताओं व विपक्षी दलों ने विशिष्ट उप-श्रेणी वर्गीकरण पर सवाल उठाए हैं। राज्य में जाति-आधारित आरक्षण सीमाओं पर जारी बहस के लिए ये निष्कर्ष एक संदर्भ बिंदु बने हुए हैं।

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