नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद से जुड़े देशव्यापी चलो संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज के विरोध में वामपंथी छात्र संगठनों ने बंद का आह्वान किया, जिसके बाद उस्मानिया विश्वविद्यालय ने 24 जुलाई को निर्धारित सभी परीक्षाएं स्थगित कर दीं।
बंद की वजह क्या रही
दिल्ली मार्च में प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाने और नीट पेपर लीक पर जवाबदेही की मांग कर रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ असंगत पुलिस कार्रवाई पर आक्रोश जताने के लिए हैदराबाद के छात्र संगठनों ने इस विरोध का आह्वान किया।
छात्रों पर असर
विश्वविद्यालय अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह स्थगन कई पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं को प्रभावित करता है, और संशोधित कार्यक्रम अलग से घोषित किया जाएगा। प्रभावित पेपरों की तैयारी कर रहे छात्रों ने कहा कि इस साल पहले से बाधित हो चुके शैक्षणिक कैलेंडर में इस आखिरी समय के बदलाव ने अनिश्चितता और बढ़ा दी है।
एक बड़े पैटर्न का हिस्सा
नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व वाला आंदोलन दिल्ली से आगे बढ़कर देशभर के छात्रों को जोड़ रहा है, ऐसे में उस्मानिया का बंद हाल के हफ्तों में देशभर के विश्वविद्यालय परिसरों में दर्ज हुए विरोध प्रदर्शनों की ही एक कड़ी है।
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