राष्ट्रीय

रेलवे टिकट रद्दीकरण, रिफंड नियमों में बड़ा बदलाव

एजेंटों की कालाबाजारी रोकने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नए टिकट रद्दीकरण, रिफंड और चार्ट तैयार करने के नियमों की घोषणा की है।

एजेंटों के जरिए होने वाली टिकट कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रेलवे ने टिकट रद्दीकरण, रिफंड और आरक्षण चार्ट के नए नियम लागू किए हैं। रेल मंत्रालय के सुधार अभियान के तहत रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इनकी घोषणा की।

नए रद्दीकरण और रिफंड स्लैब

प्रस्थान से 72 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर केवल न्यूनतम फ्लैट शुल्क लगेगा। 72 घंटे से 24 घंटे के बीच रद्द करने पर 25% शुल्क, जबकि 24 घंटे से 8 घंटे के बीच रद्द करने पर 50% रिफंड मिलेगा। प्रस्थान से 8 घंटे के भीतर रद्द करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा।

चार्ट तैयार करने की समय-सीमा बढ़ी

पहले प्रस्थान से केवल चार घंटे पहले तैयार होने वाला आरक्षण चार्ट अब 9 से 18 घंटे पहले तैयार होगा, जिससे प्रतीक्षा सूची और आरएसी यात्रियों को पहले ही स्पष्ट स्थिति पता चल सकेगी। यात्री अब प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन भी बदल सकते हैं।

यात्रियों के लिए क्यों जरूरी

रेलवे अधिकारियों के अनुसार पहले की चार घंटे की समय-सीमा से कई यात्रियों को प्रस्थान के करीब तक टिकट की स्थिति नहीं पता चलती थी, जिसका फायदा उठाकर एजेंट प्रतीक्षा सूची टिकटों में हेराफेरी करते थे। नए नियम इस साल चरणबद्ध तरीके से लागू किए जा रहे हैं।

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