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लाल क़िला कार बम मामले में NIA ने तीन और आरोपियों को नामज़द किया

NIA ने पूरक आरोपपत्र में तीन और लोगों को नामज़द किया; मामले में कुल तेरह अभियुक्त, नेटवर्क में चिकित्सा पेशेवर शामिल।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने पिछले नवंबर दिल्ली के लाल क़िले के पास हुए कार बम विस्फोट, जिसमें ग्यारह लोगों की जान गई थी, के सिलसिले में तीन और लोगों के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दाख़िल किया है। इसके साथ ही इस मामले में नामज़द लोगों की कुल संख्या तेरह हो गई है।

मूल मामले में पूरक दस्तावेज़ के रूप में दाख़िल इस नए आरोपपत्र में ज़मीर अहमद अहंगर, तुफ़ैल अहमद भट और मुज़फ़र अहमद को नामज़द किया गया है, जो सभी जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं। जाँचकर्ताओं के अनुसार, फ़रार चल रहा मुज़फ़र अहमद एक प्रशिक्षित बाल-रोग विशेषज्ञ और एक आतंकी मॉड्यूल का संस्थापक सदस्य है, जिसे अल-क़ायदा के क्षेत्रीय नेटवर्क से जुड़ी एक शाखा बताया गया है। उसकी पहचान इस मामले में पहले ही आरोपित एक अन्य अभियुक्त के बड़े भाई के रूप में भी हुई है।

NIA के अनुसार, ज़मीर अहमद अहंगर इस मॉड्यूल के लिए एक ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में काम करता था और हैंडलर्स तथा ऑपरेटिव्स के बीच हथियार, गोला-बारूद और नक़दी पहुँचाने वाले कूरियर की भूमिका निभाता था। प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े रहे पूर्व ओवरग्राउंड वर्कर तुफ़ैल अहमद भट पर समूह के लिए हथियारों का इंतज़ाम करने का आरोप है। मूल मामले का मुख्य अभियुक्त, डॉक्टर उमर उन नबी, मारा जा चुका है।

दिल्ली के सबसे अधिक देखे जाने वाले ऐतिहासिक स्थलों में से एक के पास एक वाहन को चीरते हुए हुए इस विस्फोट ने देशव्यापी जाँच को जन्म दिया, जो कई राज्यों तक फैली और अधिकारियों के अनुसार एक व्यापक नेटवर्क का पर्दाफ़ाश किया जिसके सदस्यों में चिकित्सा पेशेवर भी शामिल थे।

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