पूर्वी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में फैले इबोला प्रकोप से मृतकों की संख्या 1,000 से अधिक हो गई है, जैसा कि कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय और अफ्रीका सीडीसी ने पुष्टि की है। यह अब तक दर्ज सबसे तेज़ी से फैलने वाला इबोला प्रकोप बन गया है।
संकट की गंभीरता
अफ्रीका सीडीसी के महानिदेशक डॉ. जीन कसेया के अनुसार अब तक 1,031 मौतें और 2,473 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। 15 मई 2026 को औपचारिक रूप से घोषित इस प्रकोप में मृतकों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है, जिनमें कई स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं।
दुर्लभ और कठिन वायरस स्ट्रेन
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार इसके लिए दुर्लभ बुंडिबुग्यो इबोला वायरस जिम्मेदार है, जो अधिक सामान्य ज़ाइर स्ट्रेन से अलग है। ज़ाइर स्ट्रेन के लिए टीका उपलब्ध है, लेकिन बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के लिए कोई स्वीकृत टीका या विशेष उपचार न होना आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
जमीनी स्तर पर प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य अधिकारियों ने पड़ोसी देश युगांडा के साथ मिलकर संपर्क अनुरेखण, आइसोलेशन केंद्र और सीमा निगरानी बढ़ा दी है। पूर्वी कांगो में जारी सुरक्षा समस्याएं राहत कार्यों में बाधा बन रही हैं, ऐसी चेतावनी सहायता एजेंसियों ने दी है।
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